मेरे रिजल्ट की रात
विक्रम वैसे पिताजी के सामने कम ही बोलता था | तो “ना” में अपनी गर्दन हिला दी। पिताजी ने देखा तो रात के 2 बज रहे थे। पिताजी विक्रम के पास आए और बोले, "क्या हुआ , अभी तक नींद क्यों नहीं आई?" विक्रम ने कहा, "नहीं पिताजी, ऐसी कोई बात नहीं है, मैं सो जाऊंगा, अभी नींद नहीं आ रही है। आप सो जाओ, मगर पिता तो पिता होता है, हम जो भी सोच रहे होते हैं वो सब समझ लेता है। माँ और पिता दुनिया में ऐसे हैं जो अपनी संतान की हर बात से जान जाते हैं कि वो क्या चाहते है।
अमेरिका के कुछ वैज्ञानिकों
ने एक रिसर्च की
थी, उसमें वो एक पक्षी
के बच्चों को बीच समुद्र
में ले जाते हैं
और वहां पहुंच कर
उनकी गर्दन मरोड़ते हैं, तो जो
माँ पक्षी के पास रहते
हैं वो देखते हैं,
उसमें उसकी तकलीफ बड़ जाती है। बहुत परेशान हो
जाती है, जबकि 500 किमी
दूर पर वो लोग
प्रयोग कर रहे होते
हैं। माँ बाप से
बढ़कर हमें कौन जान
सकता है।"
एक ऐसा बच्चा जो
बड़ा नहीं होना चाहता
है, वो वही रहेगा
और गोद में पलेगा।
इस अरक्षण रूपी बच्चे से
ठाकुर जी भी नहीं
बचा सकते क्योंकि कहते
हैं, की एक पीढ़ी की गलती दूसरी
पीढ़ी की परंपरा
बन जाती है, वही
हो रहा है । एक किसान का बच्चा किस किस से नहीं लड़ता है जानता है कि पिताजी किसान हैं और पैसा
कैसे कमाते है, मगर
उन्हें ये भी पता
है कि उनका बेटा
कितना होनहार है, जो उसका
टारगेट है, वो भी
कुछ छोटा नहीं है।
और क्यों होता | जब दुनिया में
कुछ करना ही है
तो बड़ा करो, वरना
छोटा काम तो अपने
आप ही हो जाएगा,
उसको करने जरूरत भी
क्या है। बनो तो
खली बनो, जिंदर महल
तो कोई भी बन
सकता है। पिताजी ने
अपनी बात जारी रखी
और बोले, पता है तुम्हें,
मैं एक किसान हूँ
और जब बारिश होती
है तो हम लोग
मन से बीज बोते
हैं, वैराइटी भी लाते हैं,
खाद, पानी, सब कुछ करते
हैं। जब लगता है
कि फसल पक कर
खड़ी हो गई तभी
ऊपर वाला बारिश, आंधी,
तूफान सब छोड़ देता
है, फसल बर्बाद हो
जाती है।
हम फिर उसी फसल
को धीरे से बटोरते
हैं, जो बच गया
है उसे घर लाते
हैं और फिर आगे
की तैयारी में लग जाते
हैं, क्योंकि हमारा वो लक्ष्य है,
इसलिए विक्रम हमें रिज़ल्ट नहीं
कर्म में भरोसा करना
चाहिए, कामयाबी जरूर मिलेगी। पता
है तुम्हारे भाई एक बात
कहते हैं कि एक
बार अमेरिका में किसी को
सोने का टुकड़ा मिला
तो वो अफवाह खूब
फैल गए, फिर एक
अमीर ने वहां पर
जांच करवाए तो पता लगा
कि वहां पर सोने
के अम्बार हैं, फिर क्या
था उस अमीर ने
अपनी सारी प्रॉपर्टी बेचकर
उस ज़मीन को खरीद लिया,
उसके बाद वहां पर
खुदाई हुई | २
साल तक खुदाई होने
के बाद वहां पर
कुछ नहीं मिला। और
वो अमीर इतना कंगाल
हो गया कि खाने
के लिए कुछ जुगाड़
सोचने लगा।
थक हार कर उसने
वो एक दूसरे अमीर
को बेच दी और
कुछ पैसे ले लिए,
उसके बाद दूसरे अमीर ने खुदाई करवाई और अगले ही
दिन उसे सोने की
वो खदान मिल गई।
इसलिए मेहनत करने से हासिल
जरूर होती हैं चीजें,
फिर चाहे वो समय
भले ही लें | इसलिए
अब तुम जहां हो
वहां से एक छलांग
दूर है, ज़मीन मगर
तैरना मत छोड़ो। और
पिताजी की बातें सुनकर
विक्रम सुकून नींद सो गया,
इसलिए मैं कहता हूँ
कि आज के समय
में टेंशन नहीं करो लड़ो, पूरी
दम से लड़ो मगर
पीछे मत हटो।
हर किसी का पैसन होता है और उस को हासिल करने के 2 रास्ते होते है एक तो गिव अप , करना दूसरा नैवर गिव अप, ये अब हमारे ऊपर डिपेंड करता है हमें क्या करना है | अगर गिव अप करते हो तो समझो सब कुछ लूट गया आने वाले समय में सिवाय पछतावे के कुछ नहीं हांसिल होना मगर अगर नैवर गिव अप चुना तो 90 % सफलता वही मिल गयी | बस अब तो घोषणा मात्र होना रह गया है | So NEVER GIVE UP
हर छोटी बड़ी
लड़ाई लड़नी ही होंगी , हारना जीतना तो जिंदगी का पैगाम है, |

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